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Friday, April 12, 2013

गोडवाड़ महोत्सव के तहत सारंगवास में आयोजित कार्यक्रम के नजारे।

गोडवाड़ महोत्सव के दौरान की गई आतिशबाजी
गोडवाड़ महोत्सव के दौरान सारंगवास में आयोजित राजस्थानी लोकसंगीत कार्यक्रम


गोडवाड़ महोत्सव के दौरान सारंगवास में आयोजित राजस्थानी लोकसंगीत कार्यक्रम में मौजूद दर्शकगण

रोशनी से नहाया सारंगवास स्थित सोनाणा खेतलाजी का नौखंड

पर्यटन स्थल व आस्था केन्द्र हमारी संस्कृति के संवाहक-जाखड़

गोडवाड़ महोत्सव समारोह के समापन की घोषणा 

पाली, 12 अप्रेल। जिला प्रशासन , पर्यटन विभाग एवं सोनाणा खेतलाजी के संयुक्त तत्वावधान में गोडवाड़ महोत्सव का समापन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ जिसके मुख्य अतिथि सांसद बद्रीराम जाखड़, अध्यक्षता गोडवाड़ समारोह समिति के अध्यक्ष एवं उपखण्ड अधिकारी देसूरी सी.आर.देवासी एवं विशिष्ट अतिथि सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट के अध्यक्ष गणपत सिंह बालराई थे।
           समारोह के मुख्य अतिथि सांसद बद्रीराम जाखड़ ने कहा कि हमारे पर्यटन स्थल व आस्था केन्द्र  हमारी संस्कृति के संवाहक है जिससे हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों को देश की संस्कृति की पहचान मिलती। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशी पर्यटकों का जुड़ाव होता है। यही हमारी संस्कृति की पहचान है। सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट के अध्यक्ष गणपतसिंह बालराई, पूर्व विधायक भीमराज भाटी ने भी समारोहों को भी सम्बोधित किया। गोडवाड़ महोत्सव समिति अध्यक्ष एवं उपखण्ड अधिकारी सी.आर.देवासी ने समिति द्वारा किये गये कार्यो की जानकारी दी तथा पंचम् गोडवाड़ महोत्सव समारोह के समापन की घोषणा की। समारोह में जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित पुस्तिका गोडवाड़ महोत्सव का भी विमोचन किया गया।
         गोडवाड़ समारोह के अन्तिम दिन गोडवाड़ श्री (पुरूष), साफा बांधो, बाल एण्ड बॉकेट एवं अश्व नृत्य प्रतियोगिताऐं आयोजित की गई। गोडवाड़ श्री प्रतियोगिता में शिवलाल राईका प्रथम रहे। साफा बांधो प्रतियोगिता में राव दलपत सिंह प्रथम, रामसिंह राजपुरोहित द्वितीय एवं भागीरथ हमजोली तृतीय स्थान पर रहे। इसी तरह बॉल एण्ड बॉकेट प्रतियोगिता में रानुष्कासिंह प्रथम, दलपत सिंह द्वितीय एवं क्रियान्सुसिंह तृतीय रहे तथा अश्व नृत्य प्रतियोगिता मे सुमेरसिंह का घोड़ा सुल्तान प्रथम, हनवतसिंह का घोड़ा जिगर द्वितीय एवं युवराजसिंह का घोड़ा सुल्तान तृतीय स्थान पर रहा।
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पाली, 12 अप्रेल। राष्ट्रीय स्तर की घोड़ो संरक्षण एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में अहम् निर्णायक की भूमिका निभाने एवं अश्व संरक्षकों का उत्साह वर्धन के लिए डॉ.नवीन परिहार ने गोडवाड़ समारोह में अश्व सवार धातु शील्ड प्रति वर्ष देने की घोषणा की है।

देशी विदेशी पर्यटकों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया राजस्थानी लोक संगीत का

गोडवाड़ महोत्सव के तीसरा दिन

पाली, 12 अप्रेल। पर्यटन विभाग ,जिला प्रशासन एवं गोडवाड़ महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में गोडवाड़ महोत्सव के तृतीय दिन गुरूवार को सारंगवास स्थित श्री सोनाणा खेतलाजी में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्षेत्रीय निवासियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने खूब आनन्द उठाया।
        सांस्कृतिक कार्यक्रम से  पूर्व सारंगवास नदी में घुड़दौड़ व झांसी की रानी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। उसके बाद सायं पर्यटन विभाग के रंगमंच पर राजस्थानी लोक संगीत सन्ध्या का कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों ने गोडवाड़ की धरा को लोक सांस्कृति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का देशी विदेशी पर्यटकों सहित यहां आये हजारों श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया।
         समारोह के दौरान आयोजित लोक संगीत सध्या के कार्यक्रम में लोक गीतों के साथ लोक नृत्यों की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ उदयपुर के राजेन्द्र परिहार की शहनाई वादन की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद पादरला लीला देवी एण्ड पार्टी ने म्हारो हेलो सुनो जी रामापीर भजन के साथ तेरहताली नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद उड़ीसा के पुरूषोतम मुनी एण्ड पार्टी ने शंखनृत्य व टाईगर, हिरणाकश्यप वध के कई नृत्य शंख वादन के साथ प्रस्तुत किया। अलवर के बन्नेसिंह एण्ड पार्टी ने पांच रिमों को शरीर के विभिन्न अंगो पर घुमा-घुमा कर कई नयनाभिराम नृत्य किया। बाड़मेर के हास्य कलाकार पुस्कर प्रदीप ने एक बार आवो नी जवाई जी पावणा ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। पटियाला के गुरदर्शनसिंह एण्ड पार्टी ने लगदे मीठे बोल पर भंगड़ा नृत्य व जिदवा नृत्य प्रस्तुत किया। अलवर के ख्यात वादक उमर फारूख ने ताल सुर के साथ भगंव वादन प्रस्तुत किया, जोधपुर के पारसनाथ एण्ड पार्टी ने काजल टिकी के मारे छोरी म्हारी मरमत ज्याज्यो रे कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। छतीसगढ़ के सुखदेव बंजारा एण्ड पार्टी ने गुरू घासी देव की स्मृति में यह माटी की काया यह माटी का चौला बतादे मौला पन्थी ग्रुप का नृत्य प्रस्तुत किया। भरतपुर के नारायणसिंह एण्ड पार्टी डीग ने मै केसे खेलू होली सावरिया फूलों की होली व मयूर नृत्य प्रस्तुत किया जिसका सभी ने खुब आनन्द उठाया। अन्त में आतिशबाजी के आकर्षक नजारों का सभी ने लुत्फ उठाया।
          समारोह में जिला प्रमुख  खुशवीरसिंह, पंचायत समिति देसूरी व रानी प्रधान क्रमशःबुद्ध कंवर व पाबूसिंह राणावत,सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट के अध्यक्षण गणपतसिंह नारलाई, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगतसिंह राणावत, उपखण्ड अधिकारी देसूरी व मारवाड जंक्शन क्रमशः सी.आर.देवासी व मोहनसिंह राजपुरोहित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा, तहसीलदार गोकूलराम प्रजापत, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विकास पण्डया, जोधपुर पाली पर्यटन अधिकारी पी.सी.गोड़,आना सरपंच फुली देवी चौधरी सहित कई अधिकारी, जन प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित थे।
 पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित गोडवाड़ महोत्सव कार्यक्रम के तहत गुरूवार को सोनाणा खेतलाजी के प्रांगण में घुड़ दौड़ का आयोजन हुआ।

काजल, मूमल , अभिमन्यु व शनि छाये

झांसी की रानी रेस में ईश्वरसिंह का घोड़ा काजल प्रथम, कियासुसिंह का घोड़ा मुमल द्वितीय व पुष्पेन्द्रसिंह का घोड़ा काजल, तृतीय रहा।
            घुड़ दौड़ प्रतियोगिता में लम्बी रेस में दलपतसिंह का घोड़ा अभिमन्यु पहले, सुप्रतापसिंह का घोड़ा काजल दूसरे व गोरधनसिंह का घोड़ा शनि तीसरे स्थान पर रहा। निर्णायक जयसिंह राठौड़, दुर्गाराम कुमावत, डॉ.नथाराम चौधरी व श्रवणसिंह थे। इसमें पहले उपखण्ड अधिकारी सी.आर.देवासी, अतिरिक्त पुलिस उपनिरीक्षक चिरंजीलाल मीणा, तहसीलदार गोकूलराम प्रजापत भी उपस्थित थे।

Thursday, April 11, 2013

गोडवाड़ महोत्सव की झलकियॉं........









गोडवाड़ महोत्सव से अंचल आह्लादित

गोडवाड़ महोत्सव का दूसरा दिन

पाली, 11 अप्रेल। अमावस्या की रात में दुधिया रोशनी से नहाए देवकी बाड़ी के प्रांगण में गोडवाड़ महोत्सव के दूसरे दिन दिन लोक कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुति से गोडवाड़ का यह अंचल आह्लादित हो उठा। इस अवसर पर विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
सर्व प्रथम जोधपुर के सिकंदर खां लंगा एंड पार्टी ने गोरबंद नखरालो व होलिया में उड़े रे गुलाल ...,किशनगढ़ के वीरेन्द्र सिंह एंड पार्टी ेने घूमर  चरी नृत्य, उड़ीसा के पुरूषोतम मुनि एंड पार्टी ने रणपा व टाइगर नृत्य, अलवर की बनेसिंह एंड पार्टी ने रंगीलो म्हारो राजस्थान के गीत पर भवई नृत्य की प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने जमकर  तालियां बजाईं। बाड़मेर के पुष्कर प्रदीप ने एक बार आओनी जवाईजी पावणा...,पंजाब पटियाला के गुरू दर्शनसिंह एंड पार्टी ने तेरे मीठे लगे बोल...पर जिदवा व भंगड़ा नृत्य प्रस्तुत किया तो हर कोई वाह-वाह कर उठा।वहीं अलवर के उमर फारूक ने भपंग वादन पर अलवर अंचल का मशहूर गीत टर-टर का कमाल देखो... की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रामुग्ध कर दिया। जोधपुर की पार्श्वनाथ एंड पार्टी ने कालबेलिया नृत्य, छतीसगढ़ के सुखदेव दास बंजारा एंड पार्टी ने शंख के माध्यम से विभिन्न मुद्राओं में पंथी ग्रुप नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं भरतपुर के नारायणसिंह एंड पार्टी ने राधा-कृष्ण पर आधारित मयूर नृत्य,लठ मार होली व फूलों की होली कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी।
इस मौके पर देसूरी उपखण्ड अधिकारी सी.आर.देवासी, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विकास पंड्या,विकास अधिकारी नारायणसिंह, अधिशासी अधिकारी सोम मिश्रा, पर्यटन समिति सदस्य हसमुख शर्मा,कुम्भलगढ़ अरण्य सहायक वन संरक्षक मंगलसिंह राठौड़, रेन्जर गोरधनसिंह व परबतसिंहचम्पावत, चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेन्द्र पुनमिया, डॉ.अविनाश चारण, डॉ.डी.आर.वर्मा, विजयवल्लभ अस्पताल निदेशक डॉ.सुखदेव सुधार व डॉ.जयश्री सुथार,सिन्दरली पूर्व सरपंच रमेशसिंह राजपुरोहित,जितेन्द्रसिंह सिन्दरली,सरपंच सिन्दरली महेन्द्रसिंह, जिला परिषद सदस्य गुलाब चौधरी, पालिकाध्यक्ष शंकरलाल भाटी, प्रतिपक्ष नेता सुरेशपुरी गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि व नागरिक मौजूद थे।

Saturday, April 06, 2013

लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी गोडवाड़ महोत्सव में


महोत्सव 9 से 12 अप्रेल तक

पाली, 6 अप्रेल। गोडवाड़ महोत्सव में इस बार राजस्थान के साथ-साथ गुजरात, पंजाब और अन्य राज्यों के लोक रंग भी बिखरेंगे। यह महोत्सव 9 से 12 अप्रेल तक मनाया जाएगा।
          जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के तत्वावधान में मनाए जाने वाले गोडवाड़ महोत्सव को इस बार और विस्तार दिया गया है। 9 अप्रेल को बाली फोर्ट में गोडवाड़ महोत्सव का शुभारंभ सायं 6 बजे होगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रांतो की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। 10 अप्रेल को देवकी बाड़ी, सादड़ी में सायं 7 बजे से राजस्थान, गुजरात, पंजाब व अन्य राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
          महोत्सव के तहत 11 अप्रेल को सोनाणा खेतलाजी में प्रातः 10 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायं 7 बजे से विभिन्न प्रांतों के लोक नृत्यांे की प्रस्तुती होगी। 12 अप्रेल को सोनाणा खेतलाजी में प्रातः 10 बजे से गैर नृत्यांे की प्रस्तुतियां छटा बिखेरंेगी तथा दोपहर दो बजे से विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी इनमें गोडवाड़ श्री, साफा बंधन, रस्सा कस्सी एवं मारवाड़ी घोड़ों की रोचक प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।

Tuesday, March 31, 2009

भगवानसिंह जैतावत गोडवाडश्री चुने गए

देसूरी,28 मार्च। पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख आस्था एवं पर्यटन स्थल सोनाणा खेतलाजी में आयोजित प्रथम़ त्रिदिवसीय गोडवाड़ महोत्सव शनिवार को हजारों श्रद्घालु पर्यटकों की उपस्थिति में गरिमामय पूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। मेले में जिले के भैसाणा गांव के भगवानसिंह जैतावत गोडवाडश्री चुने गये ।
समापन समारोह के अवसर पर आयोजित घुड सवारी, साफा बन्धन एवं अश्व नृत्य प्रतियोगिताए पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र रही। सोनाणा खेतलाजी मेले के अवसर पर प्रात: जोधपुर संभाग के विभिन्न जिलो के साथ गुजरात प्रान्त से आई करीब डेढ सौ गैर नृत्य दलों ने सोनाणा खेतलाजी मन्दिर के समक्ष नृत्य प्रस्तुत कर अपनी श्रद्वा प्रकट की। इस अवसर पर करीब एक लाख श्रद्वालुओं ने लोक देवता सोनाणा खेतलाजी के दर्शन किये।
सोनाणा खेतलाजी तीर्थ स्थल परिसर में आयोजित गोडवाड महोत्सव के समापन समारोह में गोडवाड़ श्री चयन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें भगवानसिंह गोडवाड़ श्री के रूप में चयनित हुये। प्रशासन एकादश: व देशी पर्यटकों के मध्य रस्सा कस्सी प्रतियोगिता में पर्यटक विजयी रहे। इस अवसर पर आयोजित अश्व नृत्य प्रतियोगिता सभी के आकर्षण का केन्द्र रही। ढोल की थाप पर घोड़ों के सधे हुये पेरोंं में बन्धें हुये घुघरू की लय ने सभी को मदमस्त कर दिया। चारपाई व लकडें के पाट पर घोडों द्वारा किया गया नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहा। इस प्रतियोगिता में करण घोडा प्रथम, राजू द्वितीय व साई बाबा घोडा तृतीय स्थान पर रहा। साफा बन्धन प्रतियोगिता में पिलोवनी के जयदेव सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोडवाड महोत्सव के अवसर पर आयोजित आलेख व फोटो प्रतियोगिता के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे विजेयताओं को नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा, उपखण्ड अधिकारी मांगू सिंह चौहान, उप अधीक्षक पुलिस मोहनलाल खिन्नीवाल, सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट के अध्यक्ष गणपतसिंह ने पुरस्कार वितरित किये। समारोह में कई गणमान्य नागरिक व अधिकारी उपस्थित थें।

Saturday, March 28, 2009

घुड़सवारी प्रतियोगिता के साथ सोनाणा खेतलाजी का वरघोडा निकाला

बाली का घोडा राजू प्रथम रहा
देसूरी,27 मार्च।
पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख आराध्य स्थल सोनाणा खेतलाजी में चल रहे गोडवाड़ महोत्सव के दूसरे दिन घुड़सवारी प्रतियोगिता के साथ सोनाणा खेतलाजी का वरघोडा निकाला गया।
सोनाणा खेतलाजी मन्दिर परिसर सांरगवास में प्रात: मुख्य आरती के पश्चात वरघोडा शुरू हुअ। जो सांरगवास सोनाणा खेतलाजी मन्दिर से शुरू होकर जूनीधाम, सोभावास, आना होते हुए कुल 14 किलोमीटर की दूरी तय कर पुन: गंतव्य को लौट आया। गाजे बाजे एवं मंगल गीतों के साथ निकले इस वरघोड़े में हाथी, घोडे, नोपत, बैण्ड, नासिक के ढोल, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु चल रहें थे।
सोनाणा खेतलाजी तीर्थ स्थल परिसर में घुडदौड प्रतियोगिता आयोजित की गई। हजारों ग्रामीणों के साथ विदेशी पर्यटकों ने भी इसका लुत्फ उठाया। पांच सौ मीटर की घुडदौड में बाली का घोडा राजू प्रथम रहा जिस पर सवारी महेन्द्र ने की। द्वितीय स्थान पर एलानी के गणपतसिंह द्वारा सवारी किया गया घोडा करण तथा तृतीय स्थान पर नारलाई के दलपतसिंह द्वारा सवारी किया गया घोडा अभिमन्यु रहा। घुडसवारी कोशल प्रतियोगिता में एलानी के चम्पालाल प्रथम, बिरामी के गजेन्द्रसिंह द्वितीय तथा बाली के महेन्द्र कुमार तृतीय स्थान पर रहे। झांसी की रानी घुड दौड प्रतियोगिता में नारलाई के दलपतसिंह प्रथम, बाली के महेन्द्र कुमार द्वितीय तथा एलानी के भगवतसिंह तृतीय स्थान पर रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा, उपखण्ड अधिकारी मांगूसिंह चौहान, उप अधीक्षक पुलिस मोहन लाल खिन्नीवाल सहित कई स्थानीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थें।

Thursday, March 26, 2009

इतिहास की इबारत लिखी हुई हैं गोडवाड़ में

देसूरी,26 मार्च। अरावली की तलहटी में इतिहास की स्वर्णिम इबारत लिखी हुई है गोडवाड़ में। तपस्वी, मनीषी से लेकर दानदाताओं और आजादी के स्वतंत्रता वीरों के विराट व्यक्तित्व को संकेत-प्रतीक में दर्शाते गोडवाड़ के कई स्थल अपनी बात सुनाते हुए लगते है। गोडवाड़ क्षेत्र के धार्मिक, पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व को जानने की लालसा में प्रसिद्ध यात्राी हवेन सांग ने सातवीं शताब्दी में कई स्थानों का भ्रमण किया था।
परशुराम गुफा-समुद5 तल से 3995 फुट की टंचाई पर अरावली की वादियों के बीच स्थित यह गुफा सादडी से 14 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। हैदयवंÓाीयों के संहार के पश्चातप परशुराम ने यहीं बैठकर तपस्या की थी।
जूना खेड़ा-चौहानों की राजधानी रहे नाडोल के इस क्षैत्र में पुरातात्विक उत्खनन से पूरी एक सभ्यता के अवशेषा प्राप्त हुए है। देसूरी तहसील स्थित इस कस्बे के भव्य शिल्प सजे देवालय तथा आशापुरा माता का मंदिर कला और श्रद्वा के केन्द्र है। बताते है कि अतीत में अतिसंवेदना रहे इस क्षैत्र को गजनी व ऐबक ने रौंदने की कोशिश की थी। इतिहासकार इस स्थल गुरू गोरखनाथ, नारद व राजा भोज से भी जोड़ते है।
हिंगलाज माता, गुडालास लार्ड विलियम वैंंिटक के समय में घणी ग्राम में हिंगलाज माता की गुफा मंदिर के आसपास पिंडारियों ने मुंह छुपाया था। जिन्हें कर्नल स्लीमैन ने पराजित किया था। शिव पूराण में वर्णित 52 शक्ति पीठों में सर्व प्रथम स्थान हिंगलाज माता का हैं। मूल स्थान पाकिस्तान में है।
जवालेश्वर महादेव जवाली स्थित इस मंदिर में साधाना रत महर्षि जाबाली ने वेदों की रचनाएं रची थी।सूर्य मंदिर भाटून्द तालाब के मुहाने पर स्थित पाण्डव कालीन सूर्य मंदिर, यहां की कलात्मक धरोहर है। बाली तहसील के इस क्षैत्र में गंधर्व सेन ने तपस्या की थी।
ढालोप-बाबा रघुनाथ पीर की धूणी के लिये सुप्रसिद्व इस स्थल पर राजस्थान, गुजरात व मालवा से तीर्थ यात्रियों का आना जाना लगा रहता है। यहां ब्रहााजी का प्राचीन मंदिर भी है।
रणकपुर-48 हजार वर्ग फीट में फैले, 2 मंजिले इस प्रस्तर नक्काशी सजे मंदिर की शिल्पकला दर्शनीय है। मघई नदी के मुहाने, मादरी पहाडी की तलहटी में 84 देव प्रतिमाओं विराजित इस मेघ मंडप अलंकृत मंदिर में 1444 खंभे पर उत्कीर्ण नक्काशी, बरबस मनमोह लेती है।
पंचतीर्थ-जैन पंचतीर्थ घाणेराव, वरकाणा, सादडी, नाडोल व नारलाई इस क्षैत्र को अद्भूत गरिमा प्रदान करते हैं । कुभा के शासनकाल में धरणीशाह द्वारा बनवाया रणकपुर मंदिर , मूंछों के चमत्कार के लिये प्रसिद्ध मुछाला महावीर घाणेराव, 11 जैन मंदिर सहित नारलाई,पदमप्रभु, नेमीनाथ, भगवान ऋ ऋषभदेव, जीरावला पाश्र्वनाथ के मंदिरों की नगरी नारलाई, पाश्र्वनाथ मंदिर व गोडवाड जैन महासभा मुख्यालय की नगरी वरकाणा इस तपोभूमि की श्रद्वा में ही वृद्वि करते है। सेवाड़ी, राता महावीर जी-बीजापुर बेडा नाणा, खुडाला, खीमेल, सांडेराव, जाखोड़ा आदि के मदिरों का शिल्प भी खासा मोहक है।
बाली दुर्ग-राजपुताने के इतिहास की धरोहर ने स्वतंत्रता संग्राम के कई नायकों को शरण दी है। आर.डी.गट्टानी को यहां काफी समय के लिये रखा गया था।
मुछाला महावीर-घाणेराव के निकट स्थित मुछाला महावीर जैन तीर्थ प्राकृतिक सौन्दर्य के मध्य आया हुआ हैं। इस चमत्कारिक मन्दिर के बारे में किवंदन्ती है कि भक्त की लाज रखने के लिये भगवान महावीर की मूर्ति पर मूछें निकल आई थी तभी से इस स्थान को मुछाला महावीर के नाम से जाना जाता हैं।
वरकाणा तीर्थ-रानी से 5 किलोमीटर दूर वरकाणा गांव में काफी संख्या में जैन मन्दिर बने हुये हैं यहां वर्ष भर श्रद्वालुओं का आना जाना लगा रहता है मन्दिरों की कारीगरी अत्यन्त मन भावन हैं।
नारलाई तीर्थ-जैन तीर्थ नारलाई, रानी-देसूरी मार्ग के मध्य वरकाणा से 10 किलोमीटर की दूरी पर पहाडी पर स्थित मन्दिर यहां के सौन्दर्य को दिन दुना रात चौगुना कर देता है। गुप्त िशलाऐं व मूर्तियां यहां के मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं। इसके अतिरिक्त गोडवाड में फालना का स्वर्ण मन्दिर, घाणेराव कीर्तिस्तंभ, रानी का सांई धाम मन्दिर, सादडी का मुक्ति धाम, नाडोल आशापुरा माता मन्दिर तथा मुण्डारा चामुण्डा माता मन्दिर भी देशी एवं विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं।

ध्वजारोहण के साथ गोडवाड़ महोत्सव का शुभारम्भ

देसूरी, 26 मार्च। पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख आस्था स्थल सोनाणा खेतलाजी में गुरूवार को जिला कलेक्टर डा0 पृथ्वीराज ने ध्वजारोहण कर प्रथम गोडवाड़ महोत्सव का शुभारम्भ किया।
जिले के पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक परम्परा एवं रीति रिवाजों से देशी एवं विदेशी पर्यटकों को रूबरू करवाने के लिये यह तीन दिवसीय गोडवाड़ महोत्सव शुरू किया गया हैं। जिला कलेक्टर ने महोत्सव के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि इस महोत्सव का आज जो पोधा लगा हैं वो आने वाले समय में वटवृक्ष का रूप लेगा और यहां के पर्यटन स्थल देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनेगें ऐसी आशा हैं। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटकों को लुभाने के लिये संसाधनों की कोई कमी नही है। इस गोडवाड़ महोत्सव के माध्यम से इनमें एक रूपता लाने का प्रयास किया जा रहा हैं ताकि इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा मिले और इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां विकसित हो। जिला कलेक्टर ने कहा कि इस अवसर पर प्रकाशित गोडवाड़ का गौरव स्मारिका पुस्तिका पर्यटकोंं की जिज्ञासाओं को शान्त करेगी।जिला पुलिस अधीक्षक जी.एल. शर्मा ने गोडवाड महोत्सव को ऐतिहासिक शुरूआत बताते हुये कहा कि यह पर्यटन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होने कहा कि जोधपुर से उदयपुर जाने वाले पर्यटक यहां रूककर इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का आनन्द लेगें। सोनाणा खेतलाजी के भक्तराज शान्तीलाल भंडारी ने कहा कि यह मन्दिर इस क्षेत्र की जनता की असीम श्रद्घा का केन्द्र हैं। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती हैं अत: गोडवाड़ महोत्सव अपने पुनित उद्वेश्य में सफल होगा। प्रारम्भ में जिला कलेक्टर ने ध्वजारोहण कर गोडवाड़ महोत्सव का विधिवत शुभारम्भ किया तथा गोडवाड का गौरव स्मारिका का विमोचन किया। राजमाता कृष्णा कुमारी विद्यालय व जिनियस पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत व सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।

Tuesday, March 24, 2009

आलेख एवं फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

पाली 23 मार्च। गोडवाड महोत्सव के लिये आयोजित आलेख एवं फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिये गये हैं जिला कलेक्टर डा0 पृथ्वीराज के अनुसार आलेख प्रतियोगिता में सादडी के विजयसिंह द्वारा लिखित ऐसा हो गोडवाड महोत्सव आलेख प्रथम स्थान पर रहा है । सादडी के ही प्रवीण प्रजापति का आलेख समृद्घ संस्कृति एवं गोरवशाली इतिहास का वारिस है गोडवाड द्वितीय स्थान पर रहा।
प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर दो आलेख रहे हैं सोनाईमांझी के जयन्ति प्रसाद शर्मा का, समृद्घ संस्कृति एवं गोरवशाली इतिहास का वारिश है गोडवाड तथा केनपुरा की दिव्या राजावत का धार्मिक पर्यटन का पथ गोडवाड आलेख तीसरे स्थान पर आये।
गोडवाड क्षेत्र के पर्यटन स्थलो की फोटो प्रतियोगिता में पाली के सुरेश हेमनानी की परशुराम महादेव तीर्थ स्थल की फोटो प्रथम घोषित की गई हैं। द्वितीय स्थान पर पाली के ही अशोक कुमार शर्मा की नवखण्डीय सोनाणा खेतलाजी मन्दिर की फोटो रही। प्राचीन नगरी हथुण्डी बीजापुर की फोटो तृतीय स्थान पर रही जसनगर के नरेन्द्र शेखावत ने यह फोटो अपने कैमरें में यह फोटो कैद की।

Tuesday, March 10, 2009

गोडवाड महोत्सव आयोजन की तैयारियां जोरशोर से

देसूरी,10 मार्च। गोडवाड महोत्सव आयोजन की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी गई है। जिले में 26 मार्च से सोनाणा खेतलाजी में तीन दिवसीय गोडवाड महोत्सव शुरू होगा। जिला कलेक्टर डॉ.पृथ्वीराज ने बताया कि जिले की संस्कृति, परम्परा एवं तीज त्यौहारों से देशी एवं विदेशी पर्यटकों को रूबरू कराने के लिये आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। गोडवाड महोत्सव समिति द्वारा जिलास्तरीय आलेख एवं फोटो प्रतियोगिता का आयोजन भी रखा गया हैं। जिला कलेक्टर डा0 पृथ्वीराज के अनुसार लेखकों से समृद्ध संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास का वारिस है गोडवाड, ऐसा हो गोडवाड महोत्सव, मन मोहक हैं गोडवाड के पर्यटन स्थल, एवं धार्मिक पर्यटन का पथ गोडवाड तथा अंग्रेजी में गोडवाड -द मेल्टिंग पाइंट आफ कल्चर, हिस्ट्री, इकोलोजी व जियोग्राफी विषय पर आलेख आंमन्त्रित किये गये हैं। उक्त आलेख एवं गोडवाड़ के पर्यटन स्थलों की 10 गुणा12 साईज की फोटो प्रतियोगिता में भाग लेने वाले व्यक्ति सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय में डाक द्वारा अथवा व्यक्तिश: 13 मार्च सांय 6 बजे तक किसी भी कार्य दिवस में जमा करवा सकते हैं।

सोनाणा खेतलाजी मेले के अवसर पर गोडवाड महोत्सव आयोजित होगा
देसूरी,10 मार्च। जिले की संस्कृति, परम्परा,तीज-त्यौहारों से देशी एवं विदेशी पर्यटकों को रूबरू करवाने के लिये सांरगवास ग्राम में आयोजित होने वाले सोनाणा खेतलाजी मेले के अवसर पर गोडवाड महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
पिछले दिनों जिला कलेक्टर डॉ.पृथ्वीराज की अध्यक्षता में सांरगवास ग्राम स्थित सोनाणा खेतलाजी तीर्थधाम पर हुई बैठक में महोत्सव की शुरूआत 26 मार्च को ध्वजारोहण के साथ करने का निर्णय लिया गया। रात्रि में सोनाणा खेतलाजी में भजन संध्या आयोजित होगी। मुख्य समारोह में देशी व विेदशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर विचार किया गया। जिसमें खास तौर से साफा बंधन,घोड़ा दौेड़,अश्वनृत्य, घोडा श्रृंगार, ग्रामीण कबड्डी,मिस गोडवाड व मिस्टर गोडवाड प्रतियोगिता के सम्बन्ध में भी चर्चा हुई। 28 मार्च को जोधपुर संभाग सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली करीब डेढ सौ गेर नृत्य दलों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। महोत्सव में पुरस्कार वितरण भी होगा।
देशी व विदेशी पर्यटक इस महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग ले इसके लिये होटल व्यवसायीयों से भी चर्चा की गई। गौडवाड महोत्सव के लिये ब्रोशर व स्मारिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। पर्यटन विभाग की और से इस अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिये एवं पर्यटकों को महोत्सव की जानकारी देने के लिये पर्यटन विभाग के अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये गये। सोनाणा खेतलाजी के मेले के अवसर पर 14 किलोमीटर की परिधि में निकलने वाले वरघोडा को और अधिक आकर्षक बनाने के लिये सुझाव आमंत्रित किये गये है। जिला कलेक्टर ने मेले स्थल का अवलोकन कर पर्यटको ंके बैठने एवं अन्य सुविधाओं के बारे में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में उपखण्ड अधिकारी देसूरी की अध्यक्षता में गोडवाड महोत्सव समिति का गठन भी किया गया जिसमें प्रमुख रूप से सौनाणा खेतलाजी के अध्यक्ष, पंचायत समिति के प्रधान ,स्थानीय सरपंच इत्यादि सदस्य के रूप में रहेगें। बैठक में उपखण्ड अधिकारी मांगूसिंह, सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष, पर्यटक विभाग के सहायक निदेशक एवं स्थानीय होटल व्यवसायी भी उपस्थित थे।