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Saturday, May 04, 2013

विमलनाथ भगवान जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा सात मई से

दुल्हन की तरह सजा देसूरी,हैलीकॉटर से होगी पुष्पवर्षा

देसूरी। यहॉं विमलनाथ भगवान जिनालय की अंजनशलाका प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी में कस्बा दुल्हन की तरह सज गया हैं। सभी प्रमुख रास्तों पर बंदनवार,प्रवेशद्वार व रोशनी से सजावट की गई हैं। प्रतिष्ठा के दौरान हैलीकॉटर से पुष्पवर्षा की जाएगी। मंगलवार से शुरू हो रहे इस भव्य आयोजन की चर्चा समूचे इलाके में हो रही हैं।
     दीक्षादानेश्वरी आचार्यपद रजत महोत्सव वर्षे में नवनिर्मित जिनालय मे मूलनायक श्री विमलनाथ भगवान आदि जिनिबिंबो की अंजनशलाका प्राण प्रतिष्ठा निमित्ति एकादशान्हिका महोत्सव सात मई मंगलवार का शुभारंभ प्रभुजी एवं आचार्य देव श्री पुण्यरत्न सुरीश्वरजी,यशोरत्न सुरीश्वरजी,विजय रविरत्नसुरीश्वरजी एवं विजय रश्मिरत्नसुरीश्वरजी गुरूदेवों के प्रवेश के साथ होगा।  पंच कल्याणक प्रारंभ बारह मई रविवार को,वरघोड़ा एवं अंजनविधि 15 मई बुधवार व मंगल प्रतिष्ठा 16 मई गुरूवार को आयोजित होगें।
   इस आयोजन की तैयारी में ट्रस्ट मंड़ल अध्यक्ष उम्मेदमल फागणिया,उपाध्यक्ष इंदरमल अम्बावत,सचिव देवराज गुर्जर,उपसचिव प्रकाशचंद कोठारी,प्रवीणकुमार गुर्जर,उपकोषाध्यक्ष रूपराज मांडण सहित ट्रस्टीगण अमृतलाल गोदाणी,प्रकाशचन्द्र मांडण,मानमल अम्बावत,अमृतलाल सोलंकी,विमलचंद साकरीया, सुरेशकुमार अम्बावत की अगुवाई में सकल पोरवाल जैन संघ पूरे जोश खरोश से जुटा हुआ हैं। आयोजन का केन्द्र कस्बे के जंगलात चौकी इलाके को बनाया गया हैं। जहांॅं विशाल शामियाना तैनात किया गया। इस आयोजन के लिए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया हैं और इसके लिए कस्बें के बाजार सहित आयोजन स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों को साफ करवाया गया हैं। आयोजन में कस्बे के सभी जाति-समुदाय सहित प्रमुख लोगों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
    इधर, निर्माणाधीन विमलनाथ भगवान जिनालय का गर्भगृह पूर्ण हो गया हैं और शेष निर्माण कार्य शिल्पी कमलेशकुमार सरेमल सोमपुरा के निर्देशन में युद्धस्तर पर जारी हैं। इस आयोजन की तैयारी की चर्चा हर जुबान पर छायी हुई हैं। बुर्जुग लोगों का कहना हैं कि उन्होंने अपने जीवन में इस कस्बें में इतने बड़े स्तर पर ऐसा कोई आयोजन नहीं देखा।

भगवान विमलनाथ : तेरहवें तीर्थंकर

तीर्थकर नाम – श्री विमलनाथ भगवान
माता का नाम – माता श्यामा देवी
पिता का नाम – राजा कृतवर्म
जन्म कुल – इक्ष्वाकुवंश
च्यवन तिथी – वैशाख शुक्ला 12
च्यवन व जन्म स्थान – कम्पिलाजी
जन्म तिथी – माघ शुक्ला 3
जन्म नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद
लक्षण – वराह
शरीर प्रमाण – 60 धनुष
शरीर वर्ण – सुवर्ण
विवाहित/अविवाहित – विवाहित
दीक्षा स्थान – कम्पिलाजी
दीक्षा तिथी – माघ शुक्ला 4
दीक्षा पश्चात प्रथम पारणा – 2 दिन बाद खीर से
छद्मस्त काल – 2 महीने
केवलज्ञान स्थान – कम्पिलाजी
केवलज्ञान तिथी – पौष शुक्ला 6
वृक्ष जिसके नीचे केवलज्ञान हुआ – जंबू वृक्ष
गणधरों की संख्या – 57
प्रथम गणधर – मंदर स्वामी
प्रथम आर्य – धरा
यक्ष का नाम – षण्मुख
यक्षिणी का नाम – विदिता देवी
मोक्ष तिथी – आषाढ कृष्णा 7
प्रभु के संग को प्राप्त साधु – 600 साधु
मोक्ष स्थान – सम्मेतशिखर
       

Saturday, May 09, 2009

मलूकों ने मचाया हुडदंग

देसूरी,7 मई। यहां नृसिंह चर्तुदशी पर दिन भर मलूके बने युवक कोड़े पिट कर हुडदंग मचाते रहे। सांय नृसिंह प्रकट होने के बाद मलूके ओझल हो गए।
कस्बे के लक्ष्मीनारायण मंदिर पर कस्बे भर के मलूके दोपहर बाद एकत्र हो गए और खूब हुडदंग मचाया। इससे पहले दिन भर कस्बे में जगह-जगह घूम कर कोडे पटक कर पैसे वसूलते रहे। सांय सात बजते ही मंदिर से नृसिंह प्रकट हो गए। इसी के सारे मलूके छूप गए। प्रकट होते नृसिंह अवतार की एक झलक पाने के लोग जमा हजारों लोग बेताब हो गए। उन्हें कड़ी सुरक्षा में नृसिंह मंदिर तक ले जाया गया ओर तुरंत ही लौट आए।

Tuesday, March 31, 2009

चामुडा माता का मेला संपन्न,ईसर-गणगौर की सवारी शुरू

देसूरी,25 मार्च। यहां पंचायत समिति के पास चामुंडा माता मंदिर का मेला श्रद्धा एवं आस्था के साथ संपन्न हुआ। इसी के साथ कस्बे में ईसर-गणगौर की सवारी शुरू हो गई।
रविवार को शाम ढ़लते ही मेला शुरू हो गया था। मेले के दौरान लोगों ने चामुंडा माता प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। इसी के साथ ग्राम पंचायत से ढ़ोल-बाजे के साथ ईसर-गणगौर की सवारी मेले में लायी गई। शाम ढ़लने के साथ मेला में भीड़ बढऩे लगी। मेले में खाने-पिने के ठेलो,सस्ती चीजों का हाट व झुलों पर लोगों की भीड़ जुटी हुई थी।

Tuesday, March 10, 2009

ईद मीलादुन्नबी पर जूलुस निकाला

देसूरी,10 मार्च। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के 1482 वां जन्मदिन कस्बे में अकीदत एवं एहतराम के साथ मनाया गया।
कस्बे में सुबह मौलाना अय्यूब अशरफी की अगुवाई में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में डीजे साउण्ड के साथ बैनर थामें बच्चे चल रहे थे। साथ में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के महिला-पुरूष थे। पिछे वाहनों की कतारे थी। सभी पर हरे झंडे लहरा रहे थे। राठेलाव चौराहे,अस्पताल,बाजार,बस स्टेण्ड,दरगाह होते हुए जुलूस गंतव्य को लौट गया। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने घरो पर हरे झंडे फहराए व रात को दरवाजों व मुण्डेर पर दीपमाला रोशन की।

Monday, February 23, 2009

शिवालयों पर लगा श्रद्धालुओं का तांता

देसूरी,23 फरवरी। महाशिवरात्रि पर्व पर कस्बे के शिवालयों पर दिन भर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता रहा।
पर्व के अवसर पर कस्बे के हरिओम आश्रम अमरनाथ,शंभु भारती आश्रम,धनेश्वर,जब्रेश्वर नाथ,अखाड़ा बैजनाथ,भूतनाथ,डिस्कॉम महादेव,अम्बामाता शिवालय सहित सभी शिवालयों की बिल्व पत्रों व पुष्पों इत्यादि से खास तौर से आंगी सजाई गई। इसी के साथ दिन भर श्रद्धालुगण पूजा-अर्चना करने पहूँचते रहे। रात ढ़लने पर इन स्थानों पर रेलमपेल बढ़ गई। रात को शिवालयों पर भजन-किर्तन के आयोजन किए गए।